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Diwali Food Recipes: इस दिवाली मेहमानों के लिए बनाएं ये 5 पारंपरिक मिठाइयां, ये है बनाने की सबसे आसान विधि

Diwali Food Recipes: इस दिवाली मेहमानों के लिए बनाएं ये 5 पारंपरिक मिठाइयां, ये है बनाने की सबसे आसान विधि

दीवाली, जो कार्तिक माह की अमावस्या के दिन मनाई जाती है, न केवल दीयों और पंक्तिकारों का उत्सव है बल्कि घरों में देवी-पूजा और मेहमाननवाज़ी का भी समय है। पारंपरिक मिठाइयाँ इस पर्व का अभिन्न हिस्सा हैं — वे नाइवेध्य (भोग) के रूप में देवी-देवताओं को अर्पित की जाती हैं और परिवार व पड़ोस में बांटी जाती हैं। विभिन्न परंपराओं में उपाय और आचार भिन्न हो सकते हैं: शैव, वैष्णव, शाक्त या स्मार्त घरों में प्रस्तुति के नियम अलग हो सकते हैं, और कुछ परिवार उपवास (व्रत) के अनुरूप सामग्री से परहेज़ रखते हैं। गीता-व्याख्याकार भी यह बताते हैं कि कर्म को भक्ति के रूप में समर्पित करना महत्व रखता है — खाने और भोग के रूप में दिया गया पदार्थ भी उसी भाव से अर्थपूर्ण बनता है। नीचे पाँच पारंपरिक ऐसे सरल और भरोसेमंद व्यंजन दिए गए हैं जिन्हें आप इस दीवाली मेहमानों के लिए आसानी से बना सकते हैं, साथ में समय, मात्रा और नैवेद्य-संबंधी छोटी-छोटी सूचनाएँ भी दी गई हैं।

1. बेसन के लड्डू (आसानी वाली विधि)

  • सामग्री: बेसन 2 कप, घी 3/4 कप, पिसी चीनी 1 कप, इलायची पाउडर 1/2 चम्मच, काजू/बादाम कटा हुआ 2-3 बड़े चम्मच (वैकल्पिक)।
  • समय और मात्रा: तैयारी+पकाना 35–40 मिनट, लगभग 12–14 लड्डू।
  • विधि:
    • कढ़ाही में मध्यम आंच पर घी गरम करें।
    • बेसन डालकर लगातार चलाते हुए सुनहरा और सुगंधित भूनें (10–15 मिनट)।
    • आंच धीमी कर पिसी चीनी और इलायची डालकर मिलाएँ; 2–3 मिनट पकाएँ।
    • थोड़ा ठंडा होने पर हाथ से गोल लड्डू बना लें; ऊपर से कटा मेवा सजाएँ।
  • टिप्स: बेसन को जलने से बचाने के लिए सतत चलाते रहें। भोग के लिए ठंडा करके ही अर्पित करें। कई वैष्णव व्रतों में सामान्य रूप से बेसन स्वीकार्य होता है; पर पारिवारिक रीत के अनुसार पुष्टि लें।

2. मोटीचूर के लड्डू (सरल छोटा-चूरा विधि)

  • सामग्री: बेसन (बारीक) 1 कप, पानी आवश्यकतानुसार, चीनी 1 कप, पानी (सिरप) 1/2 कप, केसर कुछ धागे या केसर रंग, घी/तेल तलने के लिए, इलायची पाउडर 1/4 चम्मच।
  • समय और मात्रा: 1 घंटा, 10–12 लड्डू।
  • विधि:
    • बेसन में थोड़ा पानी मिलाकर पतला घोल बनाएं (दही जैसा न हो)।
    • छोटी छेद वाली चम्मच से गर्म तेल में छोटे-छोटे चूरे जैसा घोल गिराकर सुनहरा तल लें; किचन पेपर पर निकालेँ।
    • चीनी और 1/2 कप पानी से चाशनी बनाकर एक तार की चाशनी बना लें, केसर डालें।
    • तले हुए चूरे चाशनी में डालकर अच्छी तरह मिलाएँ और गरम हाथ से लड्डू पर आकार दें।
  • टिप्स और नोट: मोटीचूर पारंपरिक रूप से देवी-पूजा में प्रिय है; शाक्त परंपराओं में भी रंगीन छोटी-चूरे वाले लड्डू अक्सर नाइवेध्य बनते हैं। तेल साफ और मध्यम ताप पर रखें ताकि चूरे क्रिस्पी बनें।

3. काजू कतली (आसान घर में बनें)

  • सामग्री: काजू पाउडर 2 कप (बारीक पिसा हुआ), चीनी 1 कप, पानी 1/3 कप, घी 1–2 बड़े चम्मच, इलायची पाउडर 1/4 चम्मच, चांदी वाला वर्क वैकल्पिक।
  • समय और मात्रा: 25–30 मिनट, 20–24 पीस।
  • विधि:
    • कढ़ाही में पानी और चीनी डालकर चाशनी बनाएं (एक तार)।
    • चाशनी में घी मिलाएँ और आंच धीमी कर काजू पाउडर धीरे-धीरे मिलाते हुए गूंथें।
    • मिश्रण गूंध कर थाली में फैलाएँ, बेलन से पतला करके कटें और ठंडा होने पर सर्व करें।
  • टिप्स: काजू की अच्छी क्वालिटी का पाउडर उपयोग करें; जलने से बचाएं। काजू कतली को नाइवेध्य के रूप में शुद्धता से दें; स्मार्त और वैष्णव परिवारों में यह विशेष पसंदीदा मानी जाती है।

4. नारीयल की बर्फी (सरल, तुरंत बनने वाली)

  • सामग्री: ताजा कसा हुआ नारियल 3 कप या सूखा नारियल 2 कप (पानी से भिगोकर फिर निचोड़ा), खोया/मावा 1 कप (वैकल्पिक), चीनी 1 कप, घी 2 बड़े चम्मच, इलायची पाउडर 1/4 चम्मच।
  • समय और मात्रा: 20–25 मिनट, 16–20 पीस।
  • विधि:
    • कढ़ाही में घी गर्म कर नारियल और चीनी डालकर मध्यम आंच पर 8–10 मिनट भूनें।
    • खोया डालकर 2–3 मिनट और चलाएँ जब तक मिश्रण गुठला बनने लगे।
    • थाली में फैलाकर सेट होने पर वर्गाकार टुकड़ों में काटें।
  • टिप्स और भोजन-संबंधी नोट: यह मिठाई जल्दी बनती है और व्रत के नियमों के अनुसार भी कई घरों में स्वीकार्य रहती है (पर पारंपरिक व्रत-सूचियों में भिन्नता होती है)।

5. गुलाब जामुन (दूध-पाउडर विधि — आसान)

  • सामग्री: दूध पाउडर 1 कप, मैदा 2 बड़े चम्मच, घी 1 चम्मच, दही 2–3 बड़े चम्मच (या पानी जरूरत के अनुसार), घी/तेल तलने हेतु; सिरप के लिए चीनी 1½ कप और पानी 1 कप, केसर/इलायची।
  • समय और मात्रा: 40–50 मिनट, 12–15 गुलाब जामुन।
  • विधि:
    • सभी सूखी सामग्री मिलाकर दही से नरम आटा गूँथें; छोटी-छोटी गोलियाँ बना लें (दरार न हों)।
    • कढ़ाही में तेल गरम कर गोलियाँ मध्यम आंच पर सुनहरी तलें।
    • चीनी और पानी से एक स्टिकि चाशनी बनाकर इलायची व केसर डालें; गरम गुलाब जामुन चाशनी में डालकर कुछ समय रखें।
  • टिप्स: जामुन नरम बनने के लिए चाशनी एक तार से थोड़ी ढीली रखें। कई शैव और वैष्णव परंपराओं में गुलाब जामुन पर्व-भोग के रूप में प्रिय है; परंतु पूजा के दौरान ताजगी व शुद्धता का ध्यान रखें।

सामान्य सुझाव: किसी भी भोग-प्रस्तुति से पहले साफ-सफाई और शुद्धता का ध्यान अत्यंत आवश्यक है। अगर घर में कोई उपवास या विशिष्ट आचार है (जैसे प्याज़-लहसुन से परहेज़), तो सामग्री उसी अनुरूप अनुकूलित करें। पारंपरिक ग्रंथ और समाज में अलग-अलग व्याख्याएँ पाई जाती हैं; जैसे कुछ परिवारों में मीठा सदैव देवी को अर्पित किया जाता है तो कुछ में फल व साधारण व्यंजन प्राधान्य होते हैं — दोनों ही भाव से महत्त्वपूर्ण हैं। दीवाली पर आतिथ्य और भक्ति का मेल रहे, यही इस त्योहार की सच्ची सम्पन्नता है।

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About G S Sachin

I am a passionate writer and researcher exploring the rich heritage of India’s festivals, temples, and spiritual traditions. Through my words, I strive to simplify complex rituals, uncover hidden meanings, and share timeless wisdom in a way that inspires curiosity and devotion. My writings blend storytelling with spirituality, helping readers connect with Hindu beliefs, yoga practices, and the cultural roots that continue to guide our lives today. When I’m not writing, I spend time visiting temples, reading scriptures, and engaging in conversations that deepen my understanding of India’s spiritual legacy. My goal is to make every article on Padmabuja.com a journey of discovery for the mind and soul.

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