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Sep
माँ चंद्रघंटा की पूजा से मिलने वाले आश्चर्यजनक लाभ
माँ चंद्रघंटा की पूजा भारतीय पारंपरिक भक्ति में नवरात्रि के तीसरे दिन विशेष रूप से की जाती है। देवी का यह स्वरूप शांतचित्तता, साहस और स...
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Sep
क्या आप जानते हैं माँ चंद्रघंटा के 10 हाथों का महत्व?
चंद्रघंटा देवी—नवरात्रि की तीसरी प्रतिमा—अपनी शान्त, सौम्य मुद्रा और युद्ध के समय की तेजस्विता के साथ जानी जाती हैं। उनका नाम 'चंद्र' (...
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Sep
माँ चंद्रघंटा का स्वरूप इतना अद्भुत क्यों है?
माँ चंद्रघंटा का स्वरूप न केवल नेत्रों को भाता है बल्कि मन और कल्पना को भी उठाकर एक अलग अनुभूति में ले जाता है। तीसरे दिन की शक्ति—नवर...
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Sep
नवरात्रि में तीसरे दिन का रंग क्यों है लाल?
नवरात्रि के हर दिन के लिए विशेष रंग पहनने की परंपरा हाल के दशकों में बहुत लोकप्रिय हुई है। तीसरे दिन अक्सर लाल रंग से जुड़ा देखा जाता ह...
24
Sep
माँ चंद्रघंटा की घंटी का रहस्य – क्यों डर भाग जाता है?
माँ चंद्रघंटा की प्रतिमा और उनकी घंटी का जो अद्भुत चित्र हमारे सामूहिक धर्माभ्यास में बैठा है, वह केवल दृश्य-सौंदर्य से कहीं अधिक अर्थ...
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Sep
क्या आप जानते हैं ब्रह्मचारिणी देवी को प्रिय भोग क्या है?
ब्रह्मचारिणी देवी हिन्दू धर्म में माता पार्वती के नवरात्रि के नौ रूपों में से एक हैं और उन्हें तप, संयम और भावनात्मक दृढ़ता का प्रतीक म...
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Sep
माँ ब्रह्मचारिणी के पूजन से कौनसे दोष दूर होते हैं?
माँ ब्रह्मचारिणी हिन्दू परंपरा में नवरात्रि के दूसरे दिन की देवी मानी जाती हैं। वे तप, संयम और निरन्तर प्रयास की देवी हैं — हाथ में जपम...
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Sep
नवरात्रि में दूसरे दिन का रंग क्यों है सफेद?
नवरात्रि के दूसरे दिन अक्सर सफेद रंग पहनना और सफेद सामग्री अर्पित करना देखा जाता है। यह केवल फैशन या सामूहिक परंपरा नहीं है, बल्कि देवी...
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Sep
क्यों माना जाता है माँ ब्रह्मचारिणी को संयम और तपस्या की देवी?
माँ ब्रह्मचारिणी को संयम और तपस्या की देवी माना जाना हिन्दू धार्मिक कल्पना और धार्मिक अनुभव के लंबे इतिहास का परिणाम है। यह रूप विशेषतः...
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Sep
माँ ब्रह्मचारिणी की कथा और उनका रहस्यपूर्ण तप
माँ ब्रह्मचारिणी हिन्दू धर्म की उस रूपांतरित देवी-परंपरा का एक शांत, केंद्रित और तपस्वी चेहरा हैं जिसका स्मरण विशेषकर नवरात्रि के दूसरे...