21
Sep
नवरात्रि में देवी के नौ रूपों का विस्तार से वर्णन
नवरात्रि हिन्दू परंपरा में देवीत्व के नौ रूपों के साप्ताहिक पर्व का समय होता है—यह त्यौहार न केवल भक्ति-कर्म और उत्सव का अवसर है, बल्कि...
21
Sep
क्यों माना जाता है नवरात्रि को पापों का नाश करने वाला पर्व?
नवरात्रि को अनेक समुदायों और परंपराओं में पापों के नाशक पर्व के रूप में माना जाता है। यह धारणा केवल लोकविश्वास नहीं है; इसके पीछे पुराण...
21
Sep
नवरात्रि से पहले उपवास करने की गुप्त शक्तियाँ
नवरात्रि आरंभ होने से पहले उपवास की प्रथा अनेक परिवारों और साधनापथों में पाई जाती है। यह केवल कर्मकाण्ड या दिखावे का उपाय नहीं बल्कि शा...
20
Sep
नवरात्रि की तैयारी में क्यों की जाती है दीप सज्जा?
नवरात्रि में दीप सज्जा एक बहुआयामी अभ्यास है — यह केवल रीतिकथा या सजावट नहीं, बल्कि दर्शन, समाज और मनोविज्ञान का संयोजन है। परंपरागत रू...
20
Sep
नवरात्रि से पहले घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि में घट स्थापना (घटस्थापना/घट पूजा) का अनुष्ठान देवी की उपासना की शुरुआत माना जाता है और घर-समाज दोनों में गहरी धार्मिक और सांस...
20
Sep
क्या आप जानते हैं नवरात्रि में किन दिनों का रंग कौनसा होता है?
नवरात्रि कभी केवल व्रत और आराधना का समय रही है, तो कभी पारंपरिक वेशभूषा और लोक-संस्कृति का उत्सव भी बनकर उभरी है — और रंग इसी लोक-प्रथा...
20
Sep
नवरात्रि में माता के गीत और भजन का महत्व
नवरात्रि केवल नौ दिनों का त्योहार नहीं, बल्कि एक सजीव सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव है जिसमें माता के गीत और भजन केंद्र में होते हैं। ...
19
Sep
क्यों कहा जाता है नवरात्रि में नौ ग्रह होते हैं संतुलित?
नवरात्रि के नौ दिन और नौ रातों में अक्सर कहा जाता है कि "नौ ग्रह संतुलित" होते हैं। यह वाक्यांश सुनने में आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दोनों...
19
Sep
नवरात्रि से पहले देवी दुर्गा के वाहन का प्रतीकवाद
नवरात्रि के आगमन से ठीक पहले देवी दुर्गा के वाहन—वहन या vāhana—पर चर्चा करना केवल कलात्मक या लोक-रिवाज़ों का ही नहीं, बल्कि त्योहार के ...
19
Sep
नवरात्रि की तैयारी में घंटी और शंख का महत्व क्यों है?
नवरात्रि के दौरान घंटी और शंख की उपस्थिति लगभग हर घर और मंदिर में देखने को मिलती है। इन दोनों वाद्य‑वस्तुओं का प्राक्टिकल और प्रतीकात्म...